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सोनी गुप्ता

Abstract

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सोनी गुप्ता

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कवि की कविता

कवि की कविता

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कवि की कविताओं में, 

नन्हीं- नन्हीं चिड़िया ने अपना घौंसला बना लिया, 


नदी ने अपना रूप बदल, 

स्वयं से ही बहने का नया-नया रास्ता बना लिया, 


टहनियों में फूट पड़ी कलियाँ, 

पतझड़ को भी महकता हुआ सावन बना लिया,


भूख से बिलखती गरीबी देख, 

कविता के भावों से उसे जैसे निवाला खिला दिया, 


कम शब्दों में गहरे अर्थ, 

उसको भी चौपाई, दोहा और छंदों से सजा दिया,


कभी फूलों से अलग हटकर, 

कीचड़ की सुंदरता को भी उसने काव्य बना दिया,


यादों में लिख दी गजल उसने, 

मिला सुर गीतों को तो किसी को शायर बना दिया, 


बिखर गया जब शब्दों का जादू, 

कोरे पन्नों को भी एक सुंदर -सी किताब बना दिया, 


जो दूर से थे टकटकी लगाये हुए , 

उस चांद को प्यार करने वालों का हमराज़ बना दिया, 


कविता सिंह की रचनाओं से, 

प्रेरित होकर हमने अपनी रचना को भी सजा दिया I



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