STORYMIRROR

Jalpa lalani 'Zoya'

Inspirational

4  

Jalpa lalani 'Zoya'

Inspirational

कुदरत से अच्छा नहीं भिड़ना

कुदरत से अच्छा नहीं भिड़ना

1 min
308

ये ज़मीं, ये आसमाँ

खूबसूरत है ये जहाँ


इंसान खिलवाड़ कर रहा

कुदरत भी बसता है यहाँ

रहने दो रोशन इसे सदा

ज़मीं है माँ, पिता है आसमाँ


इंसान तेरा है ये आसरा

इसके बिना जाएगा कहाँ

हो गए आजकल सुनसान

सरेआम कोरोना घूम रहा


इंसान घर में है बंध पड़ा

किये की क्षमा माँग रहा

इस घड़ी में तू सीख लेना

कुदरत से अच्छा नहीं भिड़ना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational