STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

4  

Sumit. Malhotra

Abstract Action Classics

कसूर इन नज़रों का।

कसूर इन नज़रों का।

1 min
423

कसूर इन नज़रों का इतना ही है, 

ये विवाहिता से प्यार कर बैठे है। 


पता ही ना चला प्यार कब हुआ, 

नहीं पता था वो विवाहिता होगी। 


कसूर इन नज़रों का इतना ही है, 

ये विवाहिता से प्यार कर बैठे है। 


प्यार पहली बार देखते हमें हुआ, 

नहीं पता था वो विवाहिता होगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract