Govind Singh
Romance
चांद..
वो चांद है..
हां वो चांद ही है..
जी हां वो चांद ही तो है..
चलो फिर दर्शन कर लो..
आरती भी कर लो..
व्रत खोल लो..
लो पी लो..
पानी..
करवाचौथ
भारत की बात स...
बुढ़ापा
जीवन साथी जीवन साथी साथ मे रहना साथ निभाना। जीवन साथी जीवन साथी साथ मे रहना साथ निभाना।
किसी एक का मेरी ज़िंदगी में होना अब पॉसिबल नही है। किसी एक का मेरी ज़िंदगी में होना अब पॉसिबल नही है।
राह में जब मिलता मुस्कुराके निकल जाता उसकी हर मुस्कान पर ध्यान फिसल जाता। राह में जब मिलता मुस्कुराके निकल जाता उसकी हर मुस्कान पर ध्यान फिसल जाता।
खुश रहो तुम दोनों सदा मगर ....... खुश रहो तुम दोनों सदा मगर .......
पिया जी का खत था बडा ही अलबेला लिखा था उन्होंने मुझको पहला पहला। पिया जी का खत था बडा ही अलबेला लिखा था उन्होंने मुझको पहला पहला।
हां ! मुझे कुछ तुमसे है कहना आज तलक जो कहा ना! हां ! मुझे कुछ तुमसे है कहना आज तलक जो कहा ना!
तू मुझसे दूर कैसी हैं, मैं तुझसे दूर कैसा हूँ..., तेरे हस्ती का ये लुल्फ, मुझे जन्नत तू मुझसे दूर कैसी हैं, मैं तुझसे दूर कैसा हूँ..., तेरे हस्ती का ये लुल्फ, मु...
लाल साड़ी और गहने पहन पूनम का चाँद बन जाऊँगी, आज खुद को मैं ऐसा सजाऊँगी। लाल साड़ी और गहने पहन पूनम का चाँद बन जाऊँगी, आज खुद को मैं ऐसा सजाऊँगी।
ताली हवा में अकेले बजाता रहा याद में तेरी खुद को सताता रहा। ताली हवा में अकेले बजाता रहा याद में तेरी खुद को सताता रहा।
मर कर भी देखना चाहता हूं वह चेहरा जो शरमाते हुए मुस्कराता था मर कर भी देखना चाहता हूं वह चेहरा जो शरमाते हुए मुस्कराता था
मेहंदी रचे हथेली यह तेरे हर रंगों के फूल खिला देते हसीन ख्वाबों में मेरे मेहंदी रचे हथेली यह तेरे हर रंगों के फूल खिला देते हसीन ख्वाबों में...
मैं मौत की ओर हूँ, ज़िन्दगी की ओर ले जा रहे हो। मैं मौत की ओर हूँ, ज़िन्दगी की ओर ले जा रहे हो।
तुम बिन नीरस जीवन पथ था, इस जीवन की तुम मुस्कान प्रिये। तुम बिन नीरस जीवन पथ था, इस जीवन की तुम मुस्कान प्रिये।
प्रेम ग्रंथ का पहला अक्षर, लिखा जो तेरी बातों में. प्रेम ग्रंथ का पहला अक्षर, लिखा जो तेरी बातों में.
हम दोनों नदिया के तीरे मध्य हमारे अविरल धारा। हम दोनों नदिया के तीरे मध्य हमारे अविरल धारा।
वो चुम्बन दृस्टि का दृस्टि से और आत्म का आत्म से हो आध्यात्मिक होगा । वो चुम्बन दृस्टि का दृस्टि से और आत्म का आत्म से हो आध्यात्मिक होगा ।
मन की आँखों से देखकर बड़े प्यार से मैंने उसकी खूबसूरत सी तस्वीर बनाई। मन की आँखों से देखकर बड़े प्यार से मैंने उसकी खूबसूरत सी तस्वीर बनाई।
वह संदर्भ है, मेरी संपूर्ण रचना का। मैं प्रसंग हूं! वह संदर्भ है, मेरी संपूर्ण रचना का। मैं प्रसंग हूं!
आईने में प्रतिबिंब न दिखा। तुम मुझसे समा चुके हो । आईने में प्रतिबिंब न दिखा। तुम मुझसे समा चुके हो ।
हाँ मेरे जीवनसाथी बस मेरे हो तुम, बस इतना सा वादा मुझसे निभाना। हाँ मेरे जीवनसाथी बस मेरे हो तुम, बस इतना सा वादा मुझसे निभाना।