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Mamta Singh Devaa

Inspirational

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Mamta Singh Devaa

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कर्म प्रधान

कर्म प्रधान

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कहते हैं...किस्मत बड़ी बलवान

तो कर्म का कहाँ स्थान ?

अगर कर्म है प्रधान

तो किस्मत का क्या काम ?

इन दोनों विरोधाभास में हम सब हैं घिरे

सबके जुड़े हैं आपस में सिरे ,

आओ कर्म को किस्मत से जोड़ें

मिल कर सारी मिथ्याओं को तोड़ें ,

कर्म ही जीवन में महानजो ना समझे वो अज्ञान ।



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