Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Praveen Gola

Romance

3  

Praveen Gola

Romance

कोई वक़्त मुकर्रर कर दे तू

कोई वक़्त मुकर्रर कर दे तू

1 min
54


कोई वक़्त मुकर्रर कर दे तू ,

मेरे आने का कोई ठौर बता ,

या मुझ को कहीं पर ले चल तू ,

या मेरे संग जीवन तू बिता।


मैं रोज़ ही तेरी राह तकूँ ,

नैनो के दर्पण में तुझको धरूँ ,

तू जब मर्जी मुझे आने को कहे ,

ये कैसे होगा मुमकिन यूँ भला ?


उस रात में तू जगता ही रहा ,

इधर मैं भी देख सोई ही नही ,

पर अपना मिलन हो ही ना सका ,

हम दोनो के बीच समय था खड़ा।


एक ऐसा वक़्त बता मुझको ,

जिसमे ना कोई हो हम दोनो के सिवा ,

जब इस तन्हा तन में आग लगे ,

और आग बुझे तेरी बातों से यहाँ।


तेरे इश्क की मैं हूँ दीवानी ,

उलझन में घिरी हूँ देख ज़रा ,

कोई वक़्त मुकर्रर कर दे तू ,

मेरे आने का कोई ठौर बता । 






Rate this content
Log in