STORYMIRROR

Axan Mikaya

Tragedy Others

2  

Axan Mikaya

Tragedy Others

कोई आया नहीं

कोई आया नहीं

1 min
44

हारते हारते थक गया कोई बचाने तो आया नहीं 

गिर रहा था मैं उठाने तो कोई आया नहीं 

मैं नासमझ था समझाने तो कोई आया नहीं 

इस अपनों के की दुनिया में कोई

अपना बनाने तो आया नहीं


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy