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Axan Mikaya

Abstract Tragedy

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Axan Mikaya

Abstract Tragedy

प्यार लौटा दो

प्यार लौटा दो

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गम दो मुझे सता दो

दुख दो मुझे सजा दो 

तड़पाओ मुझे रुला दो

हारे हुए तुम हरा दो

गिरा हूँ जमीन मे दबा दो

जुर्म किया है तो सजा दो


जिसे देखने के लिए मै पल पल तड़पा

जिसकी आवाज सुनने के लिए मै तरसा

 मुझे उनसे मिलवा दो

मुझे मेरा प्यार लौटा दो।


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