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RAJNI SHARMA

Inspirational

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RAJNI SHARMA

Inspirational

कन्यादान क्यों?

कन्यादान क्यों?

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माना कि,

भारतीय संस्कृति में ,

कन्यादान महादान ,

कहलाता है।


बेटियों को,

दान देने की वस्तु ,

आखिरकार कब तक,

समझा जाएगा।


माता-पिता से,                            

अथाह दूरी को,

कब तक प्रतिबन्धों में,

जकड़ा जाएगा।


त्याग समर्पण भाव के ,             

आभूषणों से,                          

कब तक कन्या का,               

सृजन किया जाएगा।


कन्या वर दोनों,

एक दूजे के पूरक बनें,

सम्मान करेंगे तो,

किन्चित ही बदलाव आएगा।


सोचो ? सभी अपने,

बंधनों को निष्ठा से,

निभाएं ,समझेंगे तो,

धरा स्वर्ग पर आ जाएगा।


सिसकियाँ मिट जाएँगी,

बोझिल यातनाएँ,

पंजे न पसार पाएँगी,

नेह स्नेह संसार बस जाएगा।


सात फेरों के वचन,

पीले हाथों की रस्म,

बराबर समझेंगे तो,

कन्यादान समझ आएगा।




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