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Vikram Singh Negi 'Kamal'

Abstract

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Vikram Singh Negi 'Kamal'

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कमल

कमल

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कुछ राज हैं

राज ही रहने दो।


कुछ मैं कहता नहीं,

कुछ को बिन आवाज रहने दो।


अभी तो यकीन भी नहीं

'कमल' को खुद पर।


बस थोड़ा सा नाज है,

यही अंदाज रहने दो।


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