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संजय असवाल "नूतन"

Abstract Inspirational Children

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संजय असवाल "नूतन"

Abstract Inspirational Children

ककहरा (वर्णमाला)..

ककहरा (वर्णमाला)..

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"क" से ककड़ी ताजी लाओ

"ख" से खाना ढककर पकाओ,

"ग" से गाजर कच्ची खाओ

"घ" से घर अब जल्दी आओ।


"ङ " होता है एकदम खाली

बच्चों चलो बजाओ ताली।


"च" से चाची चम्मच लाती

"छ" से छतरी मन को भाती,

"ज" से जहाज आसमान में उड़ता

"झ" से झरना झर झर बहता।


"ञ" भी खाली, हम भी खाली

बच्चों चलो बजाओ ताली।


"ट" से टमाटर होते लाल

"ठ" से ठठेरा करे कमाल,

"ड" से डमरू डम डम बजता

"ढ" से ढक्कन ढक ढक करता।


"ण " कहे भई, हम भी खाली

बच्चों चलो बजाओ ताली।


"त" से तरबूज गर्मी में खाओ

"थ" से थरमस में, पानी भर लाओ..!

"द" से दवात, होता ये जाना

"ध" धनुष से लगा निशाना..!


"न" से नल में पानी का शोर

"प" से पतंग की कट गई डोर..!

"फ" से फल हैं बहुत जरूरी

"ब" से बतख, चले कुछ दूरी..!

"भ" से भालू नाच दिखाए

"म" से मछली गोते लगवाए..!

"य" से यज्ञ, जो करे ऋषि

"र" से रथ में बंधे रस्सी..!

"ल" से लट्टू घूमे जाए

"व" से वक भी ध्यान लगाए..!

"श" से शलगम सभी पढ़ो

"ष" से षटकोण का पाठ गढ़ों..!

"स" से सपेरा बीन बजाए

"ह" से हाथी गन्ना खाए...!

"क्ष" से क्षत्रिय, सीमा पर प्रहरी

"त्र" से त्रिशूल की गूंज है गहरी..!

"ज्ञ" से ज्ञानी सभी बनो

मिलकर "ककहरा" का पाठ पढ़ो।


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