किताबें डिजिटल हो गई
किताबें डिजिटल हो गई
मेरी प्यारी डायरी
आज विश्व पुस्तक दिवस पर
लिखी है एक कविता,
किताबें डिजिटल हो गई हैं
जिंदगी की सबसे अच्छी और
सच्ची दोस्त किताबें है,
अंधकार को मिटा कर उजाला लाती हैं,
जीवन को एक नई दिशा दिखलाती हैं,
अमूल्य रत्नों का ख़जाना भरा है इसमें,
वो किताबें अब डिजिटल हो गई हैं II
किताबें ही हैं जिनसे निर्माण होता है,
संस्कृतियों का,अच्छे विचारों का,
बना देती आदत अच्छी हैं,
यह देती हमेशा सच्ची ख़ुशी है,
वो किताबें अब डिजिटल हो गई हैं II
एक किताब बदल दे दुनिया सारी,
ताकत है इसमें पर है बड़ी प्यारी,
कहानियाँ पढ़ो तो उत्सुकता बढ़ती जाती,
जीवन में यह यश और वैभव दिलाती,
वो किताबें अब डिजिटल हो गई हैं II
अच्छी किताबें बनाती अच्छा इंसान है,
किताबों से व्यक्ति बनाता अपनी पहचान हैं,
किताबें साक्षी होती हैं ,हमारे एकांत की,
पढ़ते हम बातें इनमें कितनी ही ज्ञान की,
वो किताबें अब डिजिटल हो गई हैं II
