किसी के छोड़कर जाने
किसी के छोड़कर जाने
किसी के छोड़कर जाने पर दिल हर पल रोता है,
उसे हर याद करके दुनिया से दूर हो जाता है,
नही निकलती कोई बददुआ उसके लिए,
उसकी खुशी की कामना करता है
उसको दुआ देता है,
लौट कर आ जायेगा उसका प्यार
इस उम्मीद में हर पल जीता है,
कोई रांझा तो कोई मजनू सा बन जाता है,
कोई लैला तो कोई हीर सी आँसु बहाती है,
बिछड़े प्रेमी मिल जाएंगे एक रोज
ये दुआ दिल मांगता है
मिलना लिखा होता है जो नसीब
में तो फिर मिल ही जाते हैं,
पतझड़ का मौसम कोई सदा तो रुकता नही,
एक रोज तो बहारे फिर से आएंगी ही,
लेकिन बहारो के आने से पहले दिल का
हाल बुरा होता है ।

