Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Sonam Kewat

Abstract Action Inspirational

3  

Sonam Kewat

Abstract Action Inspirational

ख्वाहिशों को जिंदा रहने दो

ख्वाहिशों को जिंदा रहने दो

1 min
524



ख्वाहिशों को जिंदा रहने दो 

खुद को वक्त के साथ बहने दो 

हर ज़ख्म भर जाएगा कभी 

बस उन्हें लोगों से छिपे रहने दो


दिख गया जो घाव अगर 

कुछ नमक का फायदा उठाएंगे 

हां वक्त भी ज़ख्म भरता है 

कुछ लोग मरहम भी लगाएंगे 


तुम खुद को ख़ुदा से जोड़े रखो 

तोड़ने वाले तो काफी मिलते हैं 

मुरझाया फूल गिर जाए तो क्या

तभी तो नए फूल फिर से खिलते हैं 


बस इस वक्त खुद को संभाल लो 

जब साथ कोई खड़ा नहीं है 

मजबूत है लोग हालातों से पर 

इंसान वक्त से बड़ा नहीं है   


तुम चुप रहो पर ख्वाहिशों को

कभी तो शोर करवाना होगा 

सपने तेरे अभी मरे नहीं है 

उन्हें पूरे कर के अब दिखाना होगा


कहने वाले तो कहते ही रहेंगे 

उन्हें अपनी बातें कहने दो

हर ज़ख्म भर जाएगा कभी 

बस उन्हें लोगों से छिपे रहने दो

इसलिए ख्वाहिशों को जिंदा रहने दो 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract