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ख़्वाब

ख़्वाब

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तुझे पाना मेरा ख़्वाब नहीं,

तुझे पा कर है, ये जाना।

कुछ काम मेरा है और बचा,

तुझे बात ये है बताना।


कहीं खो गया, मैं राह में,

तूझे पाने की एक चाह में।

मैं खोज रहा मंज़िल अपनी,

तू मिल गई है राह में।


मैं भटक गया हूँ राह से,

तू आ गयी थी राह में।

क्यों मिल गयी थी राह में,

मैं खो गया हूँ राह में।


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