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Simmi Guru

Romance

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Simmi Guru

Romance

ख्वाब

ख्वाब

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मेरी जिंदगी मे वो हसीन पल बनकर आ गये  

मेरी दिल मे वो गजल बनकर आ गए।    

   

मेरा दिल तो तन्हाइयों का खंडहर था         

ख्वाबों में मेरे ताजमहल बनकर आ गए।       


धूप में गरमियाँ सहते कट रही थी जिदगी  

ख्वाबों में मेरे बादल बनकर आ गए।         


सोच में बनाकर रखी थी तस्वीर हमसफर की   

वो तस्वीर की शक्ल बनकर आ गए।


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