मनोकामना
मनोकामना
प्रेममय बनकर तुम मृदु आस जगा दो।
जीवन से हो प्रेम तुम प्यास जगा दो।।
तमस में तो लिपटी है राहें हमारी।
ज्योतिर्मय बनकर तुम उल्लास जगा दो।।
जीवन का अंत न जाने कैसा होगा।
अपनी प्रभुता का तुम एहसास जगा दो।।
हो सम्पूर्ण विलय तुम में आज हमारा।
मेरी सांसों में तुम सन्यास जगा दो।।
