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Anjana Singh (Anju)

Abstract

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Anjana Singh (Anju)

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ख्वाब दिल के

ख्वाब दिल के

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होती है अजीब दास्तां

मन में छुपे ख्वाबों की

दिल में नजरबंद होते हैं

हकीकत से परे होते हैं

पर जब पूरे होते हैं 

हकीकत बन जाते हैं


दिन के उजालों में भी

नजर नहीं आते हैं

मन में छुपे रहते हैं

निशा में समाए रहते हैं

पर जब पूरे होते हैं

रोशनी भर जाते हैं


बदरंगी इस दुनिया में

सतरंगी एहसास सजाते हैं

सादी सी इस दुनिया में

रंगों से भर जाते हैं

पर जब पूरे होते हैं

रंगीनियां‌ बिखरातें हैं


इस पर चलता ना किसी का जोर

रातों को भी कर देते भोर

हसरतों को हैं सजातें

टूट कर पुनः जीना सिखातें

पर जब पूरे हो जातें

चांदनी बन जाते हैं


बिखरे मन की झोली में

उम्मीदों के रंग भरते हैं

थकी बुझी सांसों में

लहर सी पैदा करतें हैं

पर जब पूरे होते हैं

जीने की उमंग भर जातें हैं


माना ख़्वाबों की मंजिल दूर सही

पर मिलती है यहीं कहीं

निशां ना दिखते कदमों के

छूते मन आसमां के तारों के

पर ये तो पूरे होते हैं

मन के हौसलों से


एक अलग सी खुशी

अलग सा खुमार छा जाता है

थोड़ा सुकून सा मिल जाता

प्यारा सा एहसास दिलाता है

तेरे मेरे ख्वाब जब पूरे होतें हैं

हकीकत का घरौंदा सजाते हैं


इस पर कोई बस ना किसी का

जग सारा रंगा रंग में इसी का

इसी में जीतें हैं हम

इसी में मरतें हैं हम

पर जब पूरे होतें हैं

खुशियां बरसातें हैं।


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