STORYMIRROR

Deepti S

Inspirational

4  

Deepti S

Inspirational

खुशियों भरी सुबह फिर मुस्कराएगी

खुशियों भरी सुबह फिर मुस्कराएगी

1 min
259

हे प्राणी सूक्ष्म सी 

मृत्यु विषाणु से 

क्या स्वयं को निराश हता कर 

ज़िन्दगी कट जायेगी

न हार न कमजोर पड़ इनके समक्ष 

दिखा ज़िंदादिली 

ख़ुशियों भरी सुबह फिर मुस्कराएगी


माना छोड़ा कुछ अपनों ने 

तेरा दामन इसकी ख़ातिर

तू भी प्रण कर उनका बदला लेंगे 

रहेंगे सजग बीमारी से

घर से ही नहीं समस्त ब्रह्माण्ड 

से इसकी जड़ कट जाएगी

ख़ुशियों भरी सुबह फिर मुस्कुराएगी।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational