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SHWETA GUPTA

Abstract

3  

SHWETA GUPTA

Abstract

खुशियाँ

खुशियाँ

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दर्द की स्याही,

गम की कलम

और

बदकिस्मती के कागज़ पर

सोचा चंद खुशियाँ लिखूँ...


बेदर्द ज़माना

यह देख न सका

और

दर्द, गम, बदकिस्मती

छीन ली

अब खुशियाँ लिखती नहीं

खुशियाँ जी रही हूँ...


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