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AVINASH KUMAR

Romance

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AVINASH KUMAR

Romance

खुलेआम इश्क

खुलेआम इश्क

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हाँ मैं खुले आम उतर गया हूँ इश्क के बाजार में

हाँ मैं सदियों से हूँ बस तुम्हारे ही प्यार में

दुनिया बनती है रोड़ा क्यूँ हमारे इकरार में

जिंदगी कट रही बस सिर्फ तेरे ही इंतजार में


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