STORYMIRROR

Surendra kumar singh

Abstract

2  

Surendra kumar singh

Abstract

खुल गया

खुल गया

1 min
3.0K

खुल गया है

वो दरवाजा जो

सदियों से बन्द था।

कितना अद्भुत लगता है

मनुष्य

और उसकी मनुष्यता

एक अपराजेय शक्ति की तरह।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract