STORYMIRROR

Sudhir Srivastava

Abstract

4  

Sudhir Srivastava

Abstract

दोहा - स्वतंत्रता दिवस

दोहा - स्वतंत्रता दिवस

1 min
25

हम सब मिल ऐसा लिखें, बढ़े देश का मान।

विश्व पटल पर देश का, सबसे ऊँचा स्थान।


गौरव गाथा हम लिखें, भारतवासी वीर।

सेवा राष्ट्र की हम करें, मन में रखकर धीर।।


आओ हम सब भी करें, भारत माँ का गान।

आजादी का पर्व है, बढ़ा रहा सम्मान।।


आजादी के पर्व पर, आप करें संकल्प।

उन्नति पथ पर देश हो, अंतिम यही विकल्प।।


युद्ध नीति से ना कभी, मिले शांति की राह।

शांति पथ की चाह तो, संवादी व्यवहार।।


युद्ध नीति से ना कभी, आप कीजिए प्यार।

शांति अगर हैं चाहते, करें प्रेम व्यवहार।।


नहीं दिवस का पर्व है, आजादी का पर्व।

उत्कर्षी हर दिवस हो, बढ़े देश का गर्व।।



ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ

Similar hindi poem from Abstract