आइकू
आइकू
आइकू ****** आइए चलें हम मंजिल की ओर जिसका कुछ पता नहीं।१ गिरना गिरकर उठना और फिर गिरना मगर हार मत मानना।२ भेंट चढ़ गई वो फिर आज रसूख की बलिबेदी पर।३ सनातन संस्कृति परंपरा का संवाहक है समय बदल रहा है।४ छोड़िए इंतजार उसका जिसे पता नहीं आप जिंदा भी हैं।५ कल कितना हँसाया और आज देखो सैलाबी समंदर में डुबोया।६ कविता लिखते सब बिना सोचे समझे क्या, क्यों, कब-तक।७ इतना आसान नहीं यमराज को समझना और यार बना लेना।८ मिलिए एक बार फिर फैसला कीजिए आखिर करना क्या है।९ समझोगे निश्चित कल जाने के बाद हमें खोने के साथ।१० रखा ही क्यों हटाना ही था जब तुम्हें अपना हाथ।११ सुधीर श्रीवास्तव
