चौपाई - रक्त
चौपाई - रक्त
चौपाई - रक्त रक्त दान की हो तैयारी। जन-मानस सब बारी-बारी ।। नहीं पराया अपना देखो। यह सब ईश कृपा का लेखो।। एक जान तो आप बचाएँ। काम किसी के हम भी आएँ।। पुण्य पाप की बात न करिए। मानवता के पथ पर चलिए।। निज मन को संतोष मिलेगा। ईश्वर फल इसका भी देगा।। लाख दुआएँ मुफ्त मिलेंगी। तन-मन में नव स्फूर्ति रहेगी।। रक्तदान का मोल नहीं है। जीवन देना बोल नहीं है।। बन जाओगे जीवनदाता। कहलाओगे भाग्य विधाता।। छोटी सी बस कोशिश करिए। रक्तदान मेले में चलिए।। सब मिलकर अभियान चलाएंँ। चलो किसी के प्राण बचाएँ।। हम सबकी है जिम्मेदारी। ईश्वर ने दी पहरेदारी।। रक्त सांस की सबके डोरी। केवल लाल न काली गोरी।। सुधीर श्रीवास्तव
