STORYMIRROR

Lady Gibran

Abstract

3  

Lady Gibran

Abstract

खुदा

खुदा

1 min
308

मैं से तुम, तुम से हम तक की दूरियाँ मिटाकर तो देखो

कायनात के हर ज़र्रे में फिर ‘हम’ को पाकर तो देखो।


इन्सान हो तो फिर थोड़ी इन्सानियत जताकर तो देखो

यही मिल जाएगी जन्नत, खुद को खुदा बनाकर तो देखो !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract