Power Ranger
Comedy
प्यार के खत तो बहुत लिखें,
मगर उसके बाप के डर से कभी दे ना पाएं !
अब समझ नहीं आ रहा कि
उसकी शादी में जाएं कि ना जाएं !
माँ मुझे तेरी...
पुरानी यादों ...
सुबह का भूला
आ बैल मुझे मा...
बीती रात कमल ...
तू ही काम आता...
खत लिखा मगर
अनकहे रिश्ते
अनजान सफ़र
रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाये/ चीखे रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाय...
पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान। पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान।
चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है। चुटकियों में मिल जो रहा है, तभी तो वो मुझे अपना गुरु मानने लगा है।
न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग
कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे। कहते कहते बाबूजी रोने लगे हमारे नेत्र भी सजल होने लगे।
जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने। जब सच से पाला पड़ता तो घड़ों पानी पड़ता सिर पर फिर आती अक्ल ठिकाने।
अपने सभी परिजन को देख ले आखरी बार यामलोक तू जाने को अब हो जा तैयार अपने सभी परिजन को देख ले आखरी बार यामलोक तू जाने को अब हो जा तैयार
मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सबकुछ जानते हुए भी तु... मैं एक मर्द हूँ और मैं माफ़ी चाहता हूँ सीता से राम की ग़लती के लिए उन्होंने सब...
चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी चलती का नाम गाड़ी बढ़ती का नाम दाढ़ी जो न रखे अनाड़ी
रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे रंग काला हममें जो मिला तो, खुद अपना रंग हम खो देंगे
ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया। ट्रेन से टक्कर खाकर सिर मेरा खुल गया छोटा 'दिमाग़' मेरा वहीं, कहीं गिर गया।
हिन्दू मुस्लिम की खाई को देना है पाट, अरे कभी खा के तो देखो मजेदार पापड़ी चाट। हिन्दू मुस्लिम की खाई को देना है पाट, अरे कभी खा के तो देखो मजेदार पापड़ी चाट।
हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं. हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं.
बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता। बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि काश! मैं भी भगवान होता।
दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया दूसरों के पैरों की ठोकर खाने के लिए वहीं पड़ा रहने दिया
जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !! जानूँ ! सारी !! मुझे देर हो गई !’ प्रीति पर्व की लो ढेरों बधाई !!
और मुझे करे बदनाम,नाम... मैं देती इसको प्यार-प्यार,ये देतीं हैं मुझे कष्ट कष्ट। और मुझे करे बदनाम,नाम... मैं देती इसको प्यार-प्यार,ये देतीं हैं मुझे कष्ट कष्...
सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे, सालियों द्वारा जूते चुराने के भरपूर प्रयास किए जा रहे थे,
एक दिन मामला ऐसा बिगड़ा कि पड़ोसी पड़ोसन का हो गया आपसी झगड़ा। एक दिन मामला ऐसा बिगड़ा कि पड़ोसी पड़ोसन का हो गया आपसी झगड़ा।
बैठे बैठे कहते है हर घर की के जीजा, अब कभी न मँगवाना बाहर से पिज्जा। बैठे बैठे कहते है हर घर की के जीजा, अब कभी न मँगवाना बाहर से पिज्जा।