Dr.Pratik Prabhakar
Tragedy
दिल से न खेलो
कठपुतली का खेल
ऐसे न ही होगा
तेरा किसी से मेल
कभी हँसी साथ
कभी उड़ते जज़्बात
अब जब वक़्त खत्म
निकले गुस्से का रेल।।
कभी का गिरफ्तार
तेरे इश्क़ में तिरस्कार
पाकर अब हूँ छुटा
तोड़कर के जेल।
चाँद लौटा दो
बुद्धम शरणम
विजय गीत
निद्रा के शरण
ढूंढना आकाश म...
शुभरात्रि
मेरा दिल धड़के
अमर रहें
एक भारत
यादों के पैसे
ऐ जिंदगी, किस राह पर ले आयी है कहीं कांटे बिछे हैं, तो कहीं खायी है। ऐ जिंदगी, किस राह पर ले आयी है कहीं कांटे बिछे हैं, तो कहीं खायी है।
जब दरख्तों के जड़ों में दीमक के पहाड़ लग गए। जब दरख्तों के जड़ों में दीमक के पहाड़ लग गए।
वादे करके उम्र भर के जाने कहाँ खो गये। वादे करके उम्र भर के जाने कहाँ खो गये।
ये किसने जिद के पत्थर से, इक कलस वफ़ा का फोड़ दिया ये किसने जिद के पत्थर से, इक कलस वफ़ा का फोड़ दिया
पहाड़ों से पत्थर तोड़ लाए, औषधि बर्बाद हुई पहाड़ों से पत्थर तोड़ लाए, औषधि बर्बाद हुई
गुरुर कर सदा साखी अपनी सच्चाई पर, रश्मि है,सूर्य की,तू कोई बुझी चिंगारी नही। गुरुर कर सदा साखी अपनी सच्चाई पर, रश्मि है,सूर्य की,तू कोई बुझी चिंगारी नही।
दर्द अपने गुलिस्तां में बसंत का कोई मौसम नहीं होने देता दर्द अपने गुलिस्तां में बसंत का कोई मौसम नहीं होने देता
डर तो है, रिश्तों में भी । घूम रहें हैं , जो आस पास । बनावट का, मुखौटा लेकर। डर तो है, रिश्तों में भी । घूम रहें हैं , जो आस पास । बनावट का, म...
एक मुस्कान है मेरे मुंह पर, चाहे कितना भी रो ना लूँ ...।। एक मुस्कान है मेरे मुंह पर, चाहे कितना भी रो ना लूँ ...।।
हक़ीक़त की ज़मीं पर टूट कर बिखर गए। हमने सजाए थे मिल के वो सपने गुज़र गए। हक़ीक़त की ज़मीं पर टूट कर बिखर गए। हमने सजाए थे मिल के वो सपने गुज़र गए।
सोचो जरा! वो क्या दृश्य होता होगा जहाँ लड़कियाँ चीखती चिल्लाती होंगी। सोचो जरा! वो क्या दृश्य होता होगा जहाँ लड़कियाँ चीखती चिल्लाती होंगी।
जिसे मैं सुन पा रहा हूँ मगर देख नहीं पा रहा और गर देख पा रहा हूँ तो सुन नहीं पा रहा ! जिसे मैं सुन पा रहा हूँ मगर देख नहीं पा रहा और गर देख पा रहा हूँ तो सुन नहीं ...
किस फूल को चढ़ाएं माँ के चरणों में जब कली खिलने से पहले ही हमने मरोड़ा है! किस फूल को चढ़ाएं माँ के चरणों में जब कली खिलने से पहले ही हमने मरोड़ा है!
खिजां का फूल बनी जिंदगी हमारी फिर। सुकून छोड़ गया काम मयकदा आयी॥ खिजां का फूल बनी जिंदगी हमारी फिर। सुकून छोड़ गया काम मयकदा आयी॥
तुझको अपना सनम बस अपना सनम कहना है तुझको अपना सनम बस अपना सनम कहना है
आज का जमाना ऐसा है कि बच्चा-बच्चा मोबाइल के लिए रोता है आज का जमाना ऐसा है कि बच्चा-बच्चा मोबाइल के लिए रोता है
बाबा तेरे बागीचे की एक नन्ही सी कली थी मैं। बाबा तेरे बागीचे की एक नन्ही सी कली थी मैं।
खुद को तकलीफ़ हो तो आँसू बरसते है, दूसरों को तकलीफ़ हो तो हँसी बरसती है, खुद को तकलीफ़ हो तो आँसू बरसते है, दूसरों को तकलीफ़ हो तो हँसी बरसती है,
नीले कंठ का दर्शन पाना है अपना जीवन धन्य बनाना है। नीले कंठ का दर्शन पाना है अपना जीवन धन्य बनाना है।
बढ़ चले थे हम एक नये सफ़र पर ये हश्र होगा,पर कभी सोचा ना था। बढ़ चले थे हम एक नये सफ़र पर ये हश्र होगा,पर कभी सोचा ना था।