खौफ।
खौफ।
जिस दिल में तेरा प्रेम नहीं वह दिल नहीं पत्थर होता है।
जिस मन में सेवा भाव न हो वह अंत समय में रोता है।।
ऐश औ आराम में जीवन काटा उसका उपकार तो भूल गया।
अगर एक पल भी सुमिरन कर लेता मौका तुझ से चूक गया।।
मजा लिया मखमली गद्दे का हमदर्द किसी का बन न सका।
सफर पूर्ण जीवन का करके कुछ भी साथ जा न सका।।
संस्कार बनाए जो इस जीवन में साथ कभी न छोड़ेंगे।
भुगतना पड़ेगा परलोक में तुमको यमदूत तुझको पकड़ेंगे।।
प्रेम सदा उस हरि से कर ले भव रोग से नाता तोड़ेंगे।
"नीरज" खौफ कर उस रब से जो तेरा मार्ग मोड़ेंगे ।।
