खामोशी
खामोशी
जहाँ कई रहस्य छिपे होते हैं,
सभी उलझनों को मन में दबाकर,
खामोश रह अपने आप से बात करते हैं,
जब बातों को कोई ना समझता हमारी,
खामोश रहकर उन बातों को छिपा लेते हैं,
बाहर से पता ना चलता पर अक्सर वहाँ,
गहरे समंदर से राज छिपे होते हैं,
कभी सन्नाटा तो कभी तूफान बन जाते हैं,
कभी रिश्तो में जुड़ाव,
तो कभी दरार पड़ जाते हैं,
खामोशी एक राज है,
जहाँ कई रहस्य छिपे होते हैं।
