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Madhu Vashishta

Comedy

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Madhu Vashishta

Comedy

खाली बैठी पत्नी

खाली बैठी पत्नी

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 उस दिन पहली बार पत्नी को खाली बैठे देखा था।

मन में कुछ विचार आए और मुस्कुराकर उसके पास आए।

सोचा था पत्नी खुश होगी और कुछ हम अपने मन की कहेंगे और कुछ वह हमारी सुनेगी।

आज खाली है वह कोई काम का बहाना भी नहीं बनाएगी।

पास जाने पर उसका हाल जो पूछा।

तब उसका रूप तो देखा ही दूजा।

वह खाली नहीं थी भरी बैठी थी।

पहुंचते ही मेरे उसकी बक जो छूटी,

सुना कर मुझे वह तो काम करने चली गई।

मेरी तो उसके बाद किसी और से फोन पर भी बात करने की हिम्मत नहीं रही।



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