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Raju Kumar Shah

Tragedy

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Raju Kumar Shah

Tragedy

कबूतर का अकेलापन!

कबूतर का अकेलापन!

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कबूतर झुंड में रहने के लिए जाने जाते हैं,

तुम अकेले हो लिए, कुछ तो बात होगी।

इस घोंसले में भी विरानापन है,

तुम्हें भा गया है, कुछ तो बात होगी।

तुम पिंजरे में भी रह लेते हो,

आजाद होकर भी कहीं नहीं जाते,

आज! आजादी में कैद हो गए हो,

कुछ तो बात होगी।।


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