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Vijaykant Verma

Romance

3  

Vijaykant Verma

Romance

कभी मिलने चले आओ

कभी मिलने चले आओ

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मोहब्बत है अगर मुझसे 

कभी मिलने चले आओ

रहो ना दूर तुम मुझसे

कभी मिलने चले आओ..


गिले-शिकवों को छोड़ो तुम

न दिल को दर्द दो यूं तुम

मोहब्बत में नजाकत से

कभी मिलने चले आओ


मोहब्बत है अगर मुझसे 

कभी मिलने चले आओ


तुम्हारी याद में खोई

तुम्हारे प्यार में डूबी

रहम मुझ पर जरा खाओ

मोहब्बत है अगर मुझसे 

कभी मिलने चले आओ!


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