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डाँ .आदेश कुमार पंकज

Abstract

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डाँ .आदेश कुमार पंकज

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कौन करे

कौन करे

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दुष्टों से तकरार कौन करे

झूठों पे एतवार कौन करे।


पास जिसके नहीं कुछ भी बचा,

आज उसको उधार कौन करे।


आगे बढ़े न स्वयं जो यहाँ पर,

नौका उसकी पार कौन करे।


खुद ही चुना गलत रास्ता है,

यार उनमें सुधार कौन करे।


जो करते नफरत सभी से हैं,

बोल उनको दुलार कौन करे।


जो रुकता नहीं हमारे लिये,

उसी का इंतजार कौन करे।


हर क्षण बदलते राहें जो हैं,

ऐसों पर इकरार कौन करे।


पंकज बचा नहिं साहस जिनमें,

उनको अब तय्यार कौन करे।


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