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neetu singh

Romance

3.4  

neetu singh

Romance

कैसा प्यार ?

कैसा प्यार ?

1 min
237


तुम्हारे चुने रास्ते पर

कदम दर कदम

बढ़ते चले गए


तुम्हारी कहीं बातों को

मन से आत्मा तक

उतारते चले गए

तुम्हारे बुनें ख्वाब ही


अपनी बंद पलकों में

पूरते चले गए

आज इस मुकाम पर

जिंदगी की शाम पर


तुम जो हाथ छोड़ दो

जिंदगी की जिंदगी से

तुम जो डोर तोड़ दो

तब भी गुनहगार हम


जीतते तो सिर्फ तुम

और चुने हार हम

फिर ये कैसे प्यार हम ?


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