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कदम .के.एल.

Tragedy

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कदम .के.एल.

Tragedy

काव्य

काव्य

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मन में जगाए लय

कर्ण को लगे श्रव्य

इतना है तय बहुत

बहुत है मधुर

इन शब्दों से निकला काव्य 



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