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Kajal Singh

Abstract Fantasy

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Kajal Singh

Abstract Fantasy

काश मेरी जिंदगी एक किताब होती!!

काश मेरी जिंदगी एक किताब होती!!

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काश मेरी जिंदगी एक किताब होती!


मेरी कहानी की कुछ ऐसी बुनियाद होती

वहां न किसी की फरियाद होती

जहां सिर्फ मेरे लिखे अल्फ़ाज़ होते

मनमुताबिक  गढ़े किरदार होते

सबके अनोखे अंदाज होते

किताब के पन्नो में बसाया छोटा मेरा संसार होता

जिसके अंत में समाया खूबसूरत उपसंहार होता।।


काश मेरी जिंदगी एक किताब होती !!


मेरी मोहब्बत की दास्तां कुछ ऐसी होती

मेरी हर बेचैनी उससे दूर होती

मेरे उसके संगम को शब्दो में पिरोती

अल्फ़ाज़ उसके लिखावट मेरी होती

इस कदर हर पन्ने में हमारी बात होती


काश मेरी जिंदगी एक किताब होती!


मेरी प्रेम कहानी की ऐसी शुरुआत होती

और कुछ इस तरह मेरी उससे मुलाकात होती

जहां मैं और तुम से हमारी शुरुआत होती


काश मेरी जिंदगी एक किताब होती!


जिसमें कैद मीठी यादें हजार होती

दोहराने वाली न कोई बात होती

मैं अपनी ही धुन में सवार होती

वो जिंदगी भी कितनी लाजवाब होती


काश मेरी जिंदगी एक किताब होती !!


पूरे सारे ख्वाब होते

पल दो पल के हिसाब होते

मेरे सवालों के जवाब होते

सारे झूठे चेहरे बेनकाब होते


काश मेरी जिंदगी एक किताब होती !!


मेरे, पूरे सारे अरमान कर देती

दर्द भरे वक्त के पन्नो को खरोंच देती

खुशमिजाज लम्हों को जोड़ देती

बुरी यादों को पीछे कहीं छोड़ देती

उस पर में मैं एक बार फिर मुस्कुराती


काश मेरी जिंदगी सचमुच एक किताब होती !!





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