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Saini Nileshkumar

Abstract

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Saini Nileshkumar

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कामयाबी

कामयाबी

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राहें अलग है पर मंजिल नहीं, 

मुकाम दूर है पर हौसला कम नहीं, 

रास्ता दूर तक जाने वाला है पर मंजिल को पाने वाला है 

गिरना भी है और संभालना भी है पर मंज़िल तो पानी है 

मंज़िल दूर ही सही पर दिख तो रही है 

राही दूर ही सही पर चल तो रहा है 

कठिन है सफर पूरा करना पर मंजिल को पाना है 

नाम लिखें जाना है हर रास्ते पर हमारा 

राहें अलग है........... 

गूंजेगा एक दिन दुनिया मे नाम हमारा 

हम छोटे से इंसान से ऊँची उड़ान उड़नी है 

मुँह है फेरा जिन्होंने आज हमसे 

वही आएंगे कल हमारे रास्ते पूछते -पूछते 

पूरी करनी है हर कसर अब, जो रह गई थी जन्मदाता की अधूरी ।



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