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अनिल कुमार केसरी

Inspirational Others

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अनिल कुमार केसरी

Inspirational Others

कामयाबी की कोशिशें

कामयाबी की कोशिशें

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बदन के दाग़ धुल जाते है, दिल के दाग़ कहाँ धुल पाते है?

काग़ज की कश्तियों पर बैठ के किनारे कहाँ हाथ आते है?


आसमां को पाने की चाहत में बाज़ अपने पंख खोलता है,

उड़ान से पहले बाज़ आसमां की ऊँचाई कहाँ तोलता है?


मुकम्मल कोशिश के बगैर हर कोशिश नाकाम हो जाती है,

ज़िन्दगी में कामयाबी शिद्दत भरी कोशिशों के बाद आती है।


टकरा के सागर की लहरें किनारों से बार-बार यह कहती है,

किनारों के बंधन तोड़ने की मेरी कोशिशें हर बार रहती है।


चींटी की हजारों-हजार असफल कोशिशें हमको सिखाती है,

असफलता के रास्तों से होकर सफलता की मंजिल आती है।


आज तू कल की कहता, कल फिर कल की बात दोहराता है,

आज जो बाकी रह गया, उसके लिए कभी कल नहीं आता है।


पानी से मीन के प्रेम जैसे, अपने लक्ष्य से प्रेम करना सीखो,

मीन की चक्षु पर अर्जुन के लक्ष्य जैसा, अपने लक्ष्य को देखो।



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