STORYMIRROR

Raja Sekhar CH V

Romance

4  

Raja Sekhar CH V

Romance

जज़्बाती अंदाज़

जज़्बाती अंदाज़

1 min
358


मदहोश मौसिक़ी के लिए ज़रूरी है सुरीली साज़,

सुरीले तराने के लिए ज़रूरी है दिलचस्प आवाज़,

आशिकाने वक़्त के लिए ज़रूरी है जज़्बाती अंदाज़,

दिलकश बातों के लिए ज़रूरी है प्यार भरा मिजाज़ |१|


ज़्यादा ही लग रहा है ये घड़ियों का इंतज़ार,

बेलगाम दिल होता ही जा रहा है अब बेज़ार,

सब्र हमेशा से ही रहा है इक नायाब औज़ार,

प्यार की अमानत से बनेगी ज़िन्दगी गुलज़ार |२|


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance