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Shahwaiz Khan

Abstract Inspirational

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Shahwaiz Khan

Abstract Inspirational

जय

जय

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जय हिन्द बुलन्द हो नारा हमारा

देश ये अपना हिन्दुस्तान हमारा

शान में इसकी शान हमारी

आन पे इसकी क़ुर्बान जान हमारी


हिन्द है अपनी पहचान हमारी

हिन्दु मुस्लिम सिख ईसाई

सबका है एक ही नारा

जय हिन्द बुलन्द हो नारा हमारा


सिंह के जैसा जिगरा है

गंगा जैसी पवित्रता इसकी

कोई आँखे दिखलाये कैसे

है फौज बहादुर ऐसी अपनी

फिर भी

अहिंसा है पैग़ाम हमारा


जय हिन्द बुलन्द हो नारा हमारा

संसार है अगर कोई महका चमन

अपना हिन्द है फुलों में कमल

सर पर इसके मुकुट हिमालय

गोद में इसके बहती नदिए

जो भी देखे, देखें जाए


इन्द्रधनुषी रंगी देश हमारा

जय हिन्द बुलन्द हो नारा हमारा

क्या गोरा काला देखो

अपना सबसे नाता देखो

कितनी जुबानें कितनें चेहरें

प्यार का सबमें नाता देखो


पर्वो का महोत्सव देखो पग पग

साथ मनाते ईद दीवाली देखो

ज़ात धर्म है कितनी यहाँ पर

इन्सानियत है विश्वास हमारा

जय हिन्द बुलन्द हो नारा हमारा 

जय हिन्द बुलन्द हो नारा हमारा

जय हिन्द..जय हिन्द..जय हिन्द


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