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Praveen Gola

Romance

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Praveen Gola

Romance

जवानी की परियाँ

जवानी की परियाँ

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आओ सुनाऐं तुम्हे आज ,परियों की एक कहानी ,

अरे वो बचपन वाली परियाँ नहीं ,ये हैं जवानी की परियाँ दीवानी।

जिनकी कहानी सुनने के लिए ,हर जवाँ दिल धड़कता है

वो अगर ख्वाब में भी मिलें ,तो भी रात भर तड़पता है।

अगर सच पूछो तो ये ,जवानी की परियाँ होती ही नहीं ,

पर जो भी खूबसूरत चेहरा नज़रबंद हो जाए ,वो किसी परी से कम भी नहीं।

तुम्हे पता है ये परियाँ हमारा ,बहुत जिया ललचाती हैं ,

अचानक ख्वाबों में आकर ,फिर कहीं गुम हो जाती हैं।

उनकी तड़प इस जवानी में ,बहुत भारी पड़ती है ....

तब नई - नई फैंटेसियों से ,कितनी नींदें हराम करनी पड़ती है।

सुबह उठकर माँ - बाप से झूठ बोलना ,

फिर चादर लपेट खुद को तकिये से जोड़ना ,

अचानक नज़र बचते ही बाथरूम में जाना ,

मन ही मन उन परियों की कल्पनायों से इतराना।

वापस आ बिस्तर पर जब ,खुद का मूल्यांकन करते हैं ,

तब ना जाने इन परियों से ,अकेले में कितनी बातें करते हैं।|


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