जरा ठहरो
जरा ठहरो
जरा ठहरो, जल्दी न करो,
समय कम है, संगीत बजता नहीं रहेगा।
धीरे चलो, इतना तेज नर्तन न करो।
समय कम है, संगीत को महसूस करो।
जब तुम दिन में जल्दी करते हो,
चिन्ता करते हो,
तो लगता है जैसे बिना खोले ही
उपहार फेंक दिया हो।
संगीत रुकने से पहिले ही
उसका आनन्द लो।
जिन्दगी कोई भाग दौड़ नहीं,
जो प्राप्त है, उसका आनन्द लो।
क्या आपने बिटिया से कहा है ‘कल करेंगे’,
और आपने जल्दी में उसका दुःख नहीं देखा।
एक अच्छा अवसर गँवा दिया,
क्योंकि आपको उससे बात करने का समय नहीं।
क्या झूले पर झूलते बालक को देखा है,
क्या धरा पर गिरती वर्षा की बूँदों को सुना है,
क्या तितली को उड़ते देखा है,
और सुबह उगते सूरज को देखा है ?
जरा ठहरो, जल्दी न करो
समय कम है, संगीत बजता नहीं रहेगा।
जीवन-संगीत रुक जाये
उससे पहिले ही उसका आनन्द लो।
क्या रात को सोते समय भी
मस्तिष्क में समस्याओं का अम्बार लिये रहते हो,
जब कहीं जाने के लिये तेज़ी से भागते हो,
तो वहॉं पहुँचने का आधा आनन्द खो देते हो।
जीवन का संगीत सुनो,
इससे पहिले कि वह क्षीण हो जाये।
थोड़ा ठहरो, जल्दी न करो,
समय कम है, संगीत बजता नहीं रहेगा।
