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Rekha Shukla

Abstract

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Rekha Shukla

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जोश

जोश

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जिसकी जैसी नियत है,

       वो वैसी कहानी रचता है.!

कोई परिंदों के लिए बंदूक

       तो कोई परिंदों के लिए

पानी रखता है!!

       इस "खोज" में "मत"

"उलझें",कि "भगवान"

        "हैं" या "नहीं"!

"खोज" यह रखें,कि 

        हम खुद इन्सान हैं या नहीं।



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