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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Inspirational

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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Inspirational

जन्मदिन के बहाने

जन्मदिन के बहाने

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हमारा इस जहां में आना,

जन्मदिन की खुशी मनाना।

यह सब तब ही सार्थक होगा,

बांट खुशियां गमों को बंटाना।


हमें खुशियां मनाने के लिए,

साथियों का चाहिए होता साथ।

जब गम घेरते किसी को भी,

सब चाहते हैं मदद का हाथ।

अपनेपन में यह जीवन सरल है,

अकेले मुश्किल है इसको बिताना।


हमारा इस जहां में आना,

जन्मदिन की खुशी मनाना।

यह सब तब ही सार्थक होगा,

बांट खुशियां गमों को बंटाना।


कोई माने या नहीं कोई माने,

खुश रहने के चाहिए होते बहाने।

हम मिल जुलकर बांटें खुशियां,

चाहिए होते जन्मदिन से बहाने।

आचरण सदा रखना है ऐसा,

सबको परिजन है अपना बनाना।


हमारा इस जहां में आना,

जन्मदिन की खुशी मनाना।

यह सब तब ही सार्थक होगा,

बांट खुशियां गमों को बंटाना।


खुशियों का मोल जाने वहीं बस,

जिसने गम होते हैं जीवन में झेले।

बहाने खोज करके उत्सव मनाएं,

मिल जुलकर के जुटाएं रोज मेले।

आसान लगता है नाराज करना,

आसान बनाएं हम खुशियां लुटाना।


हमारा इस जहां में आना,

जन्मदिन की खुशी मनाना।

यह सब तब ही सार्थक होगा,

बांट खुशियां गमों को बंटाना।


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