Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

मिली साहा

Abstract

4.9  

मिली साहा

Abstract

जल ही जीवन है

जल ही जीवन है

1 min
716


जल ही है हमारे जीवन का आधार

फिर भी हम व्यर्थ जल को बहाते हैं

जीवन हमारा संभव नहीं जल बिना

क्यों नहीं ये बात हम समझ पाते हैं


बढ़ता जा रहा प्रतिदिन जनसंख्या का भार

धरा पर संचित जल का कम हो रहा भंडार


आज हम सब को लेना होगा प्रण

जल को हम व्यर्थ में नहीं बहाएंगे

जल है इस धरा का अनमोल रत्न

हम एक एक बूंद कर इसे बचाएंगे


जल ना होता धरती पर तो जीव कहां होते

ना होती हरियाली और ना अन्न ही उग पाते


नहीं बचाएंगे आज यदि हम जल 

तो वह जल्दी ही खत्म हो जाएगा

फिर जल बिना यह जीवन हमारा

सोचकर तो देखो क्या चल पाएगा 


जल से ही इस धरती पर सब कुछ है संभव 

जीवन का पोषण जल के बिना है असम्भव


जल ना होगा अगर इस धरती पर

खेत हो जाएंगे हमारे सारे वीरान

हर तरफ बस उड़ेगी धूल ही धूल 

और धरती बन जाएगी रेगिस्तान


अगर होगा धरा पर यूं ही जल का नुकसान

तो एक दिन मिट जाएगी जल की पहचान


अगर चाहते हो धरा पर हरियाली  

जल का हमें करना होगा संरक्षण

सोच कर आने वाले कल के लिए

आवश्यकताओं पर करो नियंत्रण


आओ सब मिलकर इस पर हम करें विचार

संरक्षित करें जल यह है जीवन का आधार।


Rate this content
Log in