Deepti Sharma
Tragedy
खत्म हुआ सिलसिला जज्बातों का,
टूट रही उम्मीदों की डोर है !
छमाछम बारिश में भी,
गहरे तूफानों का शोर है !
बर्दाश्त नहीं अब हल्की सी भी आहट,
किसी भी जाने अनजाने शख्स की !
क्योंकि अब हल्की आहटों से ही
शुरु होता चीखों का नया दौर है !
सपने
मोहलत
दूर से सलाम क...
हकीकत
जज्बात
जिंदगी
एहसास
श्रमिक
बेटी
गरीबी
पर ये हो न सका क्योकि बच्चों के लिए हम दोनों को दो से एक होना था। पर ये हो न सका क्योकि बच्चों के लिए हम दोनों को दो से एक होना था।
ख़ुशी में तुम, हाथ में हाथ लो ये सुख मुझको कहाँ ग़म में तुम, ख़ुशी में तुम, हाथ में हाथ लो ये सुख मुझको कहाँ ग़म में तुम,
धरा कर रही है क्रंदन और बारंबार करती है पुकार। धरा कर रही है क्रंदन और बारंबार करती है पुकार।
हमसफ़र का वादा करके, सफ़र में ही छोड़ रहें हैं लोग। हमसफ़र का वादा करके, सफ़र में ही छोड़ रहें हैं लोग।
क्या तुम्हें वो सफर याद है? जब हम अचानक यू हीं मिल गए थे। क्या तुम्हें वो सफर याद है? जब हम अचानक यू हीं मिल गए थे।
आसान जिंदगी को कठिन बना लिया, मैंने दौड़ने से भागना शुरू कर दिया। आसान जिंदगी को कठिन बना लिया, मैंने दौड़ने से भागना शुरू कर दिया।
सब छोड़ जाते हैं ऐसे समय में.. सब छोड़ जाते हैं ऐसे समय में..
शहर की तंग गलियों में ढूंढता हूं एक आशियाना। शहर की तंग गलियों में ढूंढता हूं एक आशियाना।
आंख में क्या हुआ,मेरे ट्यूमर, मां ने ही फेंक दिया,जा तू मर। आंख में क्या हुआ,मेरे ट्यूमर, मां ने ही फेंक दिया,जा तू मर।
संता जी की खाली झोली देख मैं बड़ा अकुलाया। खाली झोली लेकर आज ये नया संता कौन है आया। संता जी की खाली झोली देख मैं बड़ा अकुलाया। खाली झोली लेकर आज ये नया संत...
इंसान देह बन गया ... देह कंधो पर सवार हुई.... डुबकी लगी .... अंतिम डुबकी .... इंसान देह बन गया ... देह कंधो पर सवार हुई.... डुबकी लगी .... अंतिम डुबक...
कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है ये कश्मीर है, ये कश्मीर है..... कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है ये कश्मीर है, ये कश्मीर है.....
एक प्यारी मुस्कान देना बिछड़ते वक्त बस अलविदा ना कहेना बिछड़ते वक्त। एक प्यारी मुस्कान देना बिछड़ते वक्त बस अलविदा ना कहेना बिछड़ते वक्त।
कड़कड़ाती ठंड में जिस्म की हड्डियां कांप रही हैं। कड़कड़ाती ठंड में जिस्म की हड्डियां कांप रही हैं।
कभी अपने अहम के कारण नहीं दिया था उसको मान कभी अपने अहम के कारण नहीं दिया था उसको मान
शब्दों ने, किसी को मुझसे छीन लिया. देखा आपने शब्दों का हादसा. शब्दों ने, किसी को मुझसे छीन लिया. देखा आपने शब्दों का हादसा.
आज भी वो बातें याद आती हैं आज भी वो यादें दर्द देती हैं। आज भी वो बातें याद आती हैं आज भी वो यादें दर्द देती हैं।
काम पर जाने वाली माँ जब छोड़ जाती है अपने बीमार बच्चे को। काम पर जाने वाली माँ जब छोड़ जाती है अपने बीमार बच्चे को।
अब ससुराल में दम घुटता है, मुझे बुला लो पापाजी। अब ससुराल में दम घुटता है, मुझे बुला लो पापाजी।
जिन्हेँ पढ़ाना था, वो मिड डे मील बनवा रहे हैं। जिन्हेँ पढ़ाना था, वो मिड डे मील बनवा रहे हैं।