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Sakera Tunvar

Abstract

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Sakera Tunvar

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जिंदगी तवायफ की....

जिंदगी तवायफ की....

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वक्त ने भी मेरे साथ गुस्ताखी की है,

आज मुझे तवायफ की जिंदगी मेरी बेबसी ने दी है,

तवायफ बनना भी मेरा कोई शौक़ नहीं है,

मुझे भी ये जिंदगी मेरी मजबूरी ने दी है,

तो फिर क्युं समाज मेरी लाचारी को कोसता है,

हर इन्सान सिर्फ गालियों की बरसात करता है,

सुनने को आज मेरी बातें यहां कोई नहीं है,

ये दर्द सिर्फ दिल में दफ्न‌ जो रहता है।



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