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Jyoti Durgapal

Abstract

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Jyoti Durgapal

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जीवन के बाद

जीवन के बाद

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जीवन के बाद होता है क्या, नहीं किसी को याद।

जीवन के हर रूप नए है नयी है हर कहानी, 


जीवन के बाद भी क्या एक जीवन है, 

उलझन ये कोई सुलझाता नहीं है।


एक शक्ति ऐसी भी है, जो यह सृष्टि चलाती है, 

जीवन जब तक चले उसमें जीना सिखाती हैं।।


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