हाँ मैं एक तवायफ़ हूँ जिस्मफ़रोशी का धंधा करती हूँ हाँ मैं एक तवायफ़ हूँ जिस्मफ़रोशी का धंधा करती हूँ
दूसरों को देह-सुख देते हुऐ स्वयं को होने वाली पीड़ा को दर्शाती यह एक कविता, जो उन महिलाओं का दर्द बत... दूसरों को देह-सुख देते हुऐ स्वयं को होने वाली पीड़ा को दर्शाती यह एक कविता, जो उ...
वक्त ने भी मेरे साथ गुस्ताखी की है, आज मुझे तवायफ की जिंदगी मेरी बेबसी ने दी है। वक्त ने भी मेरे साथ गुस्ताखी की है, आज मुझे तवायफ की जिंदगी मेरी बेबसी ने दी ...